Tuesday, November 12, 2019

चतुर मंत्री बहुत समय पहले की बात है।

एक गांव में एक व्यक्ति इस बारे में मशहूर हो गया। 

कि उसका चेहरा बहुत मनुष्य लोग उसका चेहरा नहीं देखना चाहते थे उनका मानना था कि उसका चेहरा देख लेने से यह तो मैं व्यापार में हनी हो जाएगी या किसी से झगड़ा हो जाएगा या फिर कुछ ना कुछ सुकून हो जाएगा। इसलिए सभी लोग उस व्यक्ति से दूर बनाए रखने में ही समझदारी समझते थे। किसी व्यक्ति किसी को कहीं दिख जाता सभी लोग यह कहते हुए भागने लगते थे बाबू बाबू मनुसा गया यदि कोई उसे भूल से ही देख भी लेता तो वह पवित्र होने के लिए नदी में जाकर स्नान करता था।

किसी की मौत के बारे में सारे गांव में बहुत अधिक अंधविश्वास फैल गया था। 

लोगों ने इसकी शिकायत राजेश से कि राजा ने अपने लोगों की इस बात पर विश्वास नहीं किया लेकिन उसने इस बात की जांच करने का फैसला किया राजा ने उस व्यक्ति को बुलाकर मेल के अतिथि गृह में रखा अगले दिन प्रातः काल सबसे पहले उस व्यक्ति का मुंह देखा।

शिवम से राज कार्यों की व्यवस्था के कारण राजा दिन भर भोजन नहीं कर सका। 

राजा इस नतीजे पर पहुंचा कि उस व्यक्ति का चेहरा सचमुच मन्नू हूं उसे उसने जल्लाद को बुलाकर उस व्यक्ति को मृत्यु दंड देने का हुक्म सुना दिया जब मंत्री ने राजा का यह हुकुम सुना तो उसने पूछा महाराज इस निर्देश को क्यों मृत्युदंड दे रहे हो।

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