Saturday, November 16, 2019

सहेली मार्च का महीना था।

पतझड़ का मौसम होने की वजह से पेड़ों से पीली पत्तियां के साथ पतली पतली शाखाएं भी टूट रही थी। 

शाम को मौसम ठंडा हो जाता तुम मिनी अपनी पहिए वाली खुशी को बालकनी में ले आती बाहर है वर्ष की मिनी के हाथ पैर कमजोर थे।
इसलिए खेल नहीं सकती थी बस कुर्सी पर बैठ खेलते बच्चों को निहारती रहती 1 दिन में बालकनी में बैठी बच्चों को खेलते देख रही थी तभी उसकी मां ने पुकारा मिनी अंदर आ जाओ ना 1 मिनट रुक जाओ मां मिनी ने कहा वह बच्चों का एक बड़ी सी लाल गेंद को उछाल उछाल कर खेलना देख रही थी तभी माने कामिनी अगर बारिश हो तो अंदर आ जाना भीगना मत।

मिनी को प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने के लिए खास प्रकार के स्कूल में भेजा जाता था

 इस स्कूल में उसे पढ़ाई के साथ तरह-तरह के व्यायाम और बोलना भी शिकायत जाता था जिससे उसे काफी फायदा भी हुआ और वह धीरे धीरे चलने के साथ हाथों से पेन दृश्य चम्मच पकड़ने की गई थी।
यह वाली कुर्सी से वह घर में यहां आ जाया करती थी हांलाकि सुबह पापा स्कूल छोड़ आया करते थे

 वह शाम को मम्मी जाकर ले आती थी मिनी के परिवार को इस कॉलोनी में आए हुए 6 माह हो गए थे। 

उससे किसी की दोस्ती नहीं हुई थी बच्चे अभी भी पार्क में खेल ही रहे थे कि बारिश शुरू होगी पर गुंडों की परवाह किए बगैर ही बच्चे खेलने में मस्त है।
तभी अचानक एक भूरे रंग की गेम से कोई चीज नीचे गिरी बच्चे हो उसके आसपास जमा होगी और उसे गौर से देखने लगे वह छोटी सी वस्तु पंख फड़फड़ा ते हुई मिनी की गेम में आकर गिर गई।
आगे की सहेली पार्ट में देखेंगे।

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