Friday, October 4, 2019

लड़का अपनी बहन के पास जाकर रोने लगा।

रामू काका अपने बेटे से परिश्रम कराते हुए।

लड़का अपनी बहन के पास जाकर रोने लगा। मैंने अपना बटुआ खोलना उसमें से 10 निकाले और भाई को दे दिए रात को पिता ने अपने बेटे से पूछा आज तुमने क्या कमाया।
बेटे ने जेब से 10 निकाल के पिता के सामने रख दी बिताने का इन्हें कुएं में फेंक और लड़के ने तत्व के साथ आज्ञा का पालन किया। अनुभवी पिता सब कुछ समझ गया दूसरे दिन उसने अपनी बेटी को ससुराल भेज दिया इसके बाद उसने एक दिन फिर बेटे को बुलाकर कहा जाकर कुछ कमा करना नहीं तो रात को खाना नहीं मिलेगा।

बाजार में उसे एक सेठ मिला सेठ ने कहा मेरा संदूक उठाकर घर ले चल मैं तुझे 10 दूंगा।

राम ने संदूक उठाओ सेठ के घर पहुंचाया लेकिन उसकी सारी द है पसीने सेतर थी।
पांव कांप रहते पीठ और गर्दन में दर्द हो रहा था।
रात को पिता ने बेटे से पूछा आज तुमने क्या कमाया।

लड़के ने जेब से 10 निकाल कर पिता के सामने रख दिया पिता ने कहा जाए ने कुएं में फेंका आओ।

लड़की की आंखों में क्रोध की ज्वाला निकलने लगी हुए बोला मेरी गर्दन टूट गई है और आप कहते हैं इसे कुएं में फेंका अनुभवी यह सब कुछ समझ गया।
अबे अपनी कमाई का महत्व समझ गया था दूसरे दिन से रामू अपने पिता के साथ खेतों में काम करने जाने लगा दोनों के परिश्रम से खेतों में भरपूर फसल हुई जिससे हुए कुछ साल हो गए।

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