Sunday, October 27, 2019

प्रातकाल की गिन्नी धूप में दोनों मस्त हो बेटे थे।

गाड़ी के बिल्कुल सामने झड़ने के किनारे एक बाघ और बाघिन धूप सेकते हुए दिखाई दिए। 

 बाग इन बाग के बालों को अपनी जीभ से साफ कर रहे थे गाइड ने बताया कि इस स्थान का नाम चिड़ी कोड है तथा यह दोनों भाग बाकी मां बेटे हैं।
बाघिन के नाम नूर और बाघ का नाम सुल्तान है यह रणथंबोर अभ्यारण में बाघों को नाम व नंबर दिए हुए हैं जिससे इनकी पहचान होती है बाघ बाघिन की हथेलियों हमने लगभग आधे घंटे तक नहीं हो रही है मनोहर में दृश्यता धूप उनके बदन को की चमक को बढ़ा रही थी काली धारियां और सफेद रंग की जाए उनके शरीर की शोभा को कई गुना बढ़ा दिया था।

बागोर बहुत सावधानी और चकना वन्य प्राणी होता है। 

 पानी के किनारे पर्स रे बाबू को मारा वह जम रहना अच्छा नहीं लगा होगा वह दोनों आराम से उठे अपनी रूबी मुद्रा में पूछ उठाई और धीरे-धीरे झाइयों के जुर्म में हमारी नजरों से ओझल हो गई गाइड के निर्देश पर हमारी गाड़ी आगे बढ़ी उसने जंगल में अनेक जंगली जानवर देख कर जिनके चुनकर आगरा भालू बंदर जंगली बिल्ली अनेक प्रकार के पक्षी थे।

बर्मन की समय सीमा नजदीक आ जाने के कारण हम मुख्य द्वार की ओर आगे बढ़े लगभग समय बीत चुका था।  

हम रणथंबोर के ऐतिहासिक दुर्ग के मुख्य द्वार पर पहुंच गए रणथंबोर दुर्ग को देखना जान पड़ता है कि यह इतिहास में बहुत प्राचीन और अभिजीत ग्रुप है। 
गाइड ने बताया कि इस ग्रुप के निर्माण का कहीं कोई इतिहास नहीं मिलता यहां के प्रतापी राजा राव अमीर व्यक्ति थे माना जाता है कि इस ग्रुप का निर्माण 1380 पूर्व हुआ था।
मेरी बेटी सीरियल ने गाइड शेर राव हमीर के बारे में पूछा गाइड ने बताया कि राव हमीर महान प्रतापी और शरणागत वत्सल राजा थे।

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