Friday, October 4, 2019

राजू ने रेल गाड़ी को रुकवा दिया।

राजू ने रेल गाड़ी को रुकवा दिया सभी ने राजू की सूझबूझ की प्रशंसा की।

अगले दिन समाचार पत्रों में उस घटना का विस्तृत वर्णन छपा वहां के स्टेशन मास्टर ने भारत सरकार से राजू को पुरस्कार देने की सिफारिश की 26 जनवरी के दिन राजू को वीर बालक पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
तब राजू ने सभी गांव वालों से शिक्षा ली कि समय से पहले सूचना ही सबसे बड़ा काम होता है

 राजू उस समय अपना दिमाग नहीं लगाता तो बहुत बड़ी दुर्घटना हो सकती थी।

 जब तक स्टेशन मास्टर आता तब तक तो दुर्घटना हो जाती है अगर राजू ने अपने वस्त्र खोल कर उस ट्रेन के आगे नहीं ढूंढना शुरू किया तो ट्रेन वहां आ जाती और पटरी टूटी हुई थी जिसके कारण बहुत बड़ी दुर्घटना हो सकती थी राजू ने अपने दिमाग से उस ट्रेन को रोक दिया जिससे गांव वाले बहुत प्रसन्न हुए पूरे ट्रेन में सफर कर रहे व्यक्ति ने राजू को प्रशंसा की।

राजू के पिताजी बहुत खुश हुए और राजू को सबसे अच्छी स्कूल में पढ़ाया। 

और बहुत बड़ा अफसर बना दिया और सारे ट्रेन वाली को उसके ऊपर गर्व हुआ और सभी ने राजू को और हौसला बढ़ाया और राजू ने आज बहुत बड़ी तरक्की कर ली है।
राजू को सफल होते देख सारे गांव वाले बहुत खुश हुए और उस दिन ट्रेन से सभी लोगों को बचाने के लिए ट्रेन वालों ने राजू को बहुत हिम्मत दी जिससे राजू आज बहुत ऊंचे स्तर पर पहुंच गया और सारे देश वालों की सेवा करने लगा।

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