Friday, October 4, 2019

अभी मैं थोड़ी ही दूर चला था कि उसने एक जगह रेलवे पटरी उखड़ी हुई दिखी।

राजू की बुद्धिमानी एक दिन राजू गांव से अपने पिताजी के लिए खाना देने जा रहा था।

अभी मैं थोड़ी ही दूर चला था कि उसने एक जगह रेलवे पटरी उखड़ी हुई दिखी। रेलवे पटरी उखड़ी देखकर उसके होश उड़ गए इस घटना को देखकर में तेजी से रेलवे चौकी की ओर भागा चौकी पहुंचते ही उसने सारी घटना अपने पिताजी को सुनाई राजू की बात सुनकर उसके पिताजी विषय में ठहरने के लिए किधर से निकले निकट की स्टेशन की ओर दौड़ पड़े अभी थोड़ी ही समय समय बीता था कि दूसरी ओर से रेलगाड़ी की सिटी सुनाई पड़ी हुए सूचना लगा यदि इसकी सूचना ड्राइवर को समय पर नहीं दी गई।

तो बहुत बड़ी दुर्घटना हो सकती है।

संयोगवश राजू ने उस दिन लाल रंग की कमीज पहन रखी थी उसने जल्दी से अपनी कमीज़ उतारी और उसे हिलाते हुए उसी और दौड़ना प्रारंभ किया जिस ओर से रेलगाड़ी आ रही थी।
ग्रेवल ने लाल रंग का सिग्नल देखकर गाड़ी की चाल धीमी कर दी।

धीरे-धीरे गाड़ी रुक ड्राइवर ने राजू से पूछा क्यों क्या बात है गाड़ी क्यों रुक गई।

गड्डी रुकने पर सभी यात्री नीचे उतर आए उन्होंने भी गाड़ी रुकवाने पर राजू को बुरा भला कहा परंतु जब राज्यों ने उन्हें सारी घटना के बारे में बताया तो वह सब राजू के साथ उसकी सत्यता जानने के लिए चल पड़े।
राजू उन सबको लेकर उसी स्थान पर पहुंचा ही था कि उसके पिताजी भी स्टेशन मास्टर को साथ लेकर वहां पहुंच गए।

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