Sunday, October 27, 2019

सुभाष चंद्र बोस का पत्र।

पिछले कुछ महीनों से आप को पत्र लिखने की सोच रहा था।

जिसका कारण केवल यह है कि आप तक ऐसी जानकारी पहुंचा दूं जिसमें आपको दिलचस्पी होगी मैं नहीं जानता कि आपको मालूम है। या नहीं कि मैं यह गत जनवरी से कारवास में हूं।
जब ब्रह्मपुत्र जेल में मुझे मॉडल जेल के लिए स्थानांतरण का आदेश मिला था तब मुझे यह समझ नहीं आया था कि लोकमान्य तिलक ने अपने कार्यकाल का अधिकांश भाग मॉडल जेल में ही गुजारा था इस चार दीवार में यहां के बहुत ही हतोत्साहित कर देने वाले परिवेश में स्वर्गीय लोकमान्य ने अपने सुप्रसिद्ध गीत वशीकरण कब परिणाम किया था।

जेल के जींस वर्ल्ड में लोकमान्य रहते थे वह आज तक सुरक्षित है।

 यद्यपि उस में फेरबदल किया गया है।
और उसे बड़ा बनाया गया है हमारे अपने जेल के बोर्ड की तरह हुए लकड़ी के तत्वों से बना है जिसमें गर्मी में लू उर्दू से वर्ष में पानी से शीत वर्षा ऋतु में सर्दी से तथा सभी ऋतु में धूल भरी हवाओं से बचाव नहीं हो पाता मेरे यहां पहुंचने के कुछ ही क्षण बाद मुझे उस वर्ड का परिचय दिया गया मुझे यह बात अच्छी नहीं लग रही थी कि मुझे भारत से निष्कासित कर दिया गया था।

हम जानते हैं कि लोकमान्य ने कार्रवाई में 6 वर्ष बिताए लेकिन मुझे विश्वास है।

 कि बहुत कम लोगों को यह पता होगा कि उस अवधि में उन्हें किस हद तक शारीरिक और मानसिक यंत्रणा से गुजरना पड़ा था।
वहां एकदम अकेले थे और उन्होंने कोई बौद्धिक स्तर का साथी नहीं मिला मुझे विश्वास है कि उन्हें किसी अन्य बंदी से मिलने जुलने नहीं दिया जाता था।
यह था सुभाष चंद्र बोस पत्र का जवाब सुभाष चंद्र बोस कब पत्थर पूरा हो चुका है।

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