Friday, October 4, 2019

पर्यावरण प्रदूषण हमारे देश की एक प्रमुख समस्या है।

आज संसार के छोटे बड़े देश इस समस्या से परेशान हैं।

और इसके निराकरण के लिए परिषद प्रयत्न कर रहे हैं पर्यावरण शब्द परी प्लस आवरण के योग से बना है परी का अर्थ चारों और आवरण का अर्थ है ढकने वाला अत्य पर्यावरण शब्द का अर्थ एवं चारों ओर से ढकने वाला।
प्रदूषण चार प्रकार का होता है भूमि प्रदूषण वायु प्रदूषण ध्वनि प्रदूषण और जल प्रदूषण आज व्यक्ति भौतिक सुखों को प्राप्त करने के लिए वनों को अंधाधुन काट रहा है बच्चे यह उन सभी को पता है कि वनों से हम लकड़ी खाद्य पदार्थ आदि प्राप्त होते हैं।

वनों की लगातार कटाई से भूमि प्रदूषण बढ़ता जा रहा है कल कारखाने का विषैला दुआ वायुमंडल को दूषित कर रहा है।

विज्ञान की प्रगति और यातायात के अनेक साधनों के कारण प्रदूषण निरंतर बढ़ता ही जा रहा है इस बढ़ते हुए प्रदूषण के कारण मनुष्य आज के बीमारियों से ग्रस्त हो रहा है।

जिस आंखों की बीमारियां फेफड़ों के रोग आदि।

यातायात के साधन मशीन और कल कारखाने इतना शोर उत्पन्न करते हैं कि कान के पर्दे फटने लगते हैं आज हम छोटे से छोटे कार्यों में भी लाउडस्पीकर ओ का उपयोग करते हैं हमारी यह लापरवाही ध्वनि प्रदूषण को बढ़ावा दे रही है।
कल कारखानों द्वारा उत्पादित बेकार पदार्थो और दूषित जल को नदी नालों में बहा दिया जाता है जिससे जल प्रदूषण बढ़ता है जल प्रदूषण के और भी कई कारण हैं जिसे नदी नालों के किनारे शौच क्रिया करना जानवरों को जल महल आना घाटों पर वस्त्रों को धोना आदि जल प्रदूषण अक्षय पेट संबंधी कई बीमारियां उत्पन्न हो रही है।

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