Monday, 2 September 2019

सावधानी में ही समझदारी है।

एक पेट्रोल पंप पर एक महिला अपनी कार में पेट्रोल भरवा रही थी। उसी समय एक व्यक्ति ने अपने को पेंटर बताते हुए परिचय दिया।

 विजिटिंग कार्ड उस महिला कोदिया और कहा की कभी आवश्यकता हो तो बुला सकती है। उस महिला ने बिना कुछ सोचे वो कार्ड पकड़ लिया तथा अपनी कार में बैठ गई। तब वो आदमी भी एक दूसरी कार में बैठ गया जो की कोई और व्यक्ति चला रहा था। जैसे ही वो महिला पेट्रोल पंप से चली, उसने देखा की वो आदमी भी उसी समय उसके पीछे पेट्रोल पंप से निकला। फिर अचानक उस महिला को अचानक चक्कर से आने लगे और साँस लेने में तकलीफ होने लगी। उसे कुछ गंध सी आने लगी तो उसने अपनी कार की खिड़की
खोलने की कोशिश की तब उसे ये अहसास हुआ
की वो गंध उसके हाथ से ही आ रही है जिस हाथ से उसने वो कार्ड पकड़ा था।
तभी उसने नोटिस किया की वो आदमी अपनी कार में ठीक उसके पीछे था। तो उसने सोचा की उसको कुछ करना चाहिए तो उसने सर्विस लेन में अपनी कार ले जाकर रोक कर अपने हॉर्न को जोर जोर से बजाना शुरू कर दिया।

 जिससे रस्ते से गुजरने वाले राहगीर उसकी गाड़ी के पास आने लगे।

 ये देख कर जो कार उस महिला के पीछे लगी थी वह से चली
गयी। उसके बाद उस महिला को अपने आप को
सुध में लाने का वक्त मिल गया।
इस घटना का जिक्र करने की वजह है आपको
एक ड्रग जोकि  कहलाती है के
असर से परिचित करना। आप इसके बारे में नेट पर
इनफार्मेशन पा सकते है। ये ड्रग किसी को कुछ
समय के लिए बेसुध कर सकती है। इस प्रकार उस
दौरान उस व्यक्ति से कीमती सामान चुराया
जा सकता है या महिला की इज़्ज़त पर हमला
हो सकता है।
अतः आप सब कभी भी अनजान व्यक्ति से कोई
कार्ड न ले। विशेषतः जब आप के पास नकदी
या बहुमूल्य वस्तु हो। साथ साथ कृपया सभी
महिला परिजनों को इस ड्रग के बारे में बताये
तथा उन्हें भी किसी अपरिचित व्यक्ति से
कार्ड विशेषतः जब वो अकेली हो न लेने को
सलाह दे।
उन महिलाओ को अवश्य सावधान करे जो
गृहणी है और घर पर अकेली होती है और दिन
भर में कई घर पर आने वाले सेल्समैन को मिलती
है। वो भी उनके दिए हुए किसी कार्ड को
सावधानी बरतते हुए न ले।
ऐसी घटना कही भी हो सकती है। सावधानी
में ही समझदारी है।

तीन बुरी खबरों ने देश को हिला दिया।

करोड़ की रेमण्ड कम्पनी का मालिक आज बेटे की बेरुखी के कारण किराये के घर में रह रहा है।
अरबपति महिला मुम्बई के पॉश इलाके के अपने करोड़ो के फ्लैट में पूरी तरह गल कर कंकाल बन गयी! विदेश में बहुत बड़ी नौकरी करने वाले करोड़पति बेटे को पता ही नहीं माँ कब मर गयी।
सपने सच कर आई. ए. एस. का पद पाये बक्सर के क्लेक्टर ने तनाव के कारण आत्महत्या की।
ये तीन घटनायें बताती हैं जीवन में पद पैसा प्रतिष्ठा ये सब कुछ काम का नहीं। यदि आपके जीवन में खुशी संतुष्टी और अपने नहीं हैं तो कुछ भी मायने नहीं रखता।
वरना एक क्लेक्टर को क्या जरुरत थी जो उसे आत्महत्या करना पड़ा।
खुशियाँ पैसो से नहीं मिलती अपनों से मिलती है।_
क्योकि सीता जब राम के
पास थी तो उसे सोने का
हिरण चाहिए था मगर वही सीता जब सोने के लंका मे  गयी  तो उन्हे राम चाहिए था।
इसलिए पैसा तो होता है
पर सब कुछ नही होता
पैसा बहुत कुछ है, लेकिन सब कुछ नही है।
जीवन आनन्द के लिए है, चाहे जो हों बस मुस्कुराते रहो.

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