Sunday, 4 August 2019

पृथ्वी अमृत देवी का प्रतीक माना गया है।

कडप्पा मोहनजोदड़ो तथा अन्य स्थानों से मिट्टी की मूर्ति बहुत बड़ी संख्या में प्राप्त हुई है। 

सिंधु सरस्वती सभ्यता में भाषा एवं लिपि का विकास हुआ सिंधु सरस्वती सभ्यता का प्रमुख देवता पशुपति शिव थे विश विभिन्न रूपों में उनकी मूर्ति हैं। उन चित्र देखने को मिलते हैं इनमें से सबसे प्रमुख योगी की मुद्रा में बैठे हुए त्रिमूर्ति का चित्र है।
व्यापार का हिसाब किताब रखने के लिए संभोग का विकास हुआ।

 सिंधु सरस्वती सभ्यता के प्रमुख के समग्र अध्ययन से स्पष्ट है। 

कि यह भारत की प्राचीनतम नगरिया व्यापार वाणिज्य प्रधान सभ्यता थी जहां पर आज मैं किसको का यूकाटन नामक स्थान है।
ऐसा माना जाता है कि उत्तर में पर्वतीय प्रदेशों से आए सुमेरियन लोग मसू पेट्रोलियम में बस गए और उन्होंने एक अत्यंत समृद्ध सभ्यता का विकास किया है।
चीनी लोगों का धर्म शुरू श्रद्धा और परिष्कृत रहा चीन में प्राकृतिक शक्तियों के साथ-साथ वनस्पति अस्त्र-शस्त्र पूर्वजों आदि को भी पूजा जाता है। जहां जादू टोना द्वारा परमात्मा को नियंत्रण करने की प्रथा थी बालाथल से प्राप्त विशेष आकार प्रकार के चमकदार मिट्टी के बर्तन दो प्रकार के एक कुदुरे दीवारों वाले लैब किए हुए मिलता है काले तथा लाल बर्तनों के सामान्य सफेद रंग के चित्र मिलते हैं बालाथल के टीले के मध्य में एक विशाल दुर्ग स्वरूप सरचना खोजी गई, जिसका दीवार लगभग बहुत ऊंचा है यह दुर्ग क्षेत्र में फैला हुआ था यह दुर्ग मिट्टी देता पत्रों से बनाया गया बालू स्थल की खुदाई में 11 कमरे के बड़े भवन की रचना प्राप्त हुई है।

वैदिक दर्शन के अनुसार कर्म के आधार पर पुनर्जन्म होता है। 

इससे व्यक्ति उत्तम कार्य समाप्ति कर जीवन को श्रेष्ठ बना सकता है प्रत्येक जीवन अपने द्वारा किए गए कर्मों के अनुसार उनका फल भोगने के लिए पूर्ण जन्म लेना पड़ता है विश्व की समस्त अनुभूतियों की बौद्धिक व्यवस्था तथा उनके मूल्यांकन के प्रयास होने वाले प्रमुख दर्शन मनुष्य को प्राप्त होते हैं जैन दर्शन का इतिहास अत्यधिक प्राचीन दर्शन के विकास में तीर्थ कारों की महत्व भूमिका रही है। महावीर स्वामी से पहले सारे तीर्थ कार यहां आए हुए थे प्रथम तीर्थ का वेद थे।

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