Monday, 26 August 2019

चना और अलसी दोनों एक ही खेत में पास पास खड़े हैं।

तुलसी का पौधा दुबला पतला और लचीला होता है इसलिए हवा से मिलता जुलता रहता है अलसी के तीन विशेष दिए हैं।

 वह मिला है, वह दिल की पतली है, और उसकी कमर लच ली है, वह पतली होने के कारण हिलती तो रहती है, लेकिन टैंकर सीधी भी हो जाती है।
तंत्र सिद्धि खड़ी रहती है इसलिए एटीवीपी है इसके साइड पर कुछ बड़े गोलाकार की डोडिया होती है जो खुलती है और उन्हें में बीज बनते हैं अलसी का फूल नीले रंग का होता है अलसी को देखकर कवि को लगता है। कि यह दुबली पतली लड़की है जो मचलती दिख रही है। मानो कह रही है। जो मुझे छू लो उसे अपना हृदय दे दूंगी प्यार करने लगी इसी की हो जाऊंगी हटली होने। के बावजूद भी प्यार के लिए लालायित है।

उसको कि मैं पूछूं किसी के निराले पन की बात करनी होती है।

तो एक बात ऐसी ही शुरु करते हैं अरे सो बाकी ने पूछो उस की तो बात ही कुछ और है यह सब की बात न पूछो उसे जैसा तो कोई है ही नहीं इसी अंदाज में कभी कहता है वह सरसों की न पूछो सर सब सियानी हो गई है शनि होने के तीन अर्थ है एक तो समझदार हो ना दूसरे युवक पर लेना और तीसरा चतुर होना यह सरसों के विशेष में उस सैनी के कर कभी नहीं होती होने की ओर संकेत किया है और बताएं कि विवाह योग्य हो गए इसलिए उसने अपने हाथ पीले करके हाथ पीले करने का एक मोहरा जिसका शादी कर लेना है।

सरसों के प्रश्न में ही हाथ पीले करने का प्रयोग क्यों किया क्योंकि सरसों जो खुलती है।

 तो पूरा खेत ही पीला हो जाता है तो पीली सरसों बिहार के मंडप में पधार चुकी है वह गुलाबी साफा बांधना पहले से ही बेटा है वहां विवाह की हलचल में फागुन का महीना कैसे चुप रहता बांग आता हुआ या इंसान का गाना चने का सजना सरसों का हाथ मिलाकर ना सब में एक दूसरे का हो जाना ही लचक है।
सूर्य दृश्य में कवि को लगता है जैसे स्वयंबर हो रहा है सरसों जिस प्रकार मां विवाह मंडप में कन्या के ऊपर से में भरे आंचल की छांह करती है उसी प्रकार यहां पर गति मां की भूमिका निभा रही है प्रगति का अनुराग भरा आंचल हिला रही है यह दृश्य कवि के मन में को छू लेता है इस लगता है कि ग्रामीण अंचल में किसी नगर की अपेक्षा अधिक प्यार भरा वातावरण है मगर तू विवाह सीखो गए हैं विवाह सिंह नगरों में प्यार कम जीता है ग्रामीण अंचल की भूमि प्रेम प्यार के लिए अधिक जावे जैसे कि निर्जल आंचल में भी प्रगति के चप्पे-चप्पे में प्यार दिखाई पड़ रहा है

No comments:

Post a Comment