Wednesday, 21 August 2019

राम कृष्ण का विवाह बहुत कम उम्र में हो गया।

यदि रथ का पहिया निकल जाता तो पता नहीं क्या होता। 

राजा दशरथ विरत होकर पराजित भी हो सकते थे जानते हो कि तूने क्या किया वे राजा के साथ उसी रत्न थी जिसने की किस स्थान पर उंगली लगा दी रथ चलता रहा युद्ध उतारा विजय राजा की हुई,
तब उनका ध्यान गया।
 उसकी उंगली की और वह सब कुछ समझ गई उन्होंने रानी का जीवन आजीवन आभार माना एक थी।
संहिता हालात यह थे।
पलंग पीटते जी गोदारा सीएनएनमनी कटोरा ऐसी राजकुमारी ऐसी परिस्थिति में पली-बढ़ी किंतु जब पति को भूल गई, अपनी सुख-सुविधा और पति की सेवा के लिए प्रदेश में 14 वर्ष में सेवा के लिए प्रदेश में  हजारों सीता को वनवास दिया वह सीता को कोई शिकायत नहीं।

फिर जब अयोध्या कर राम राजा  बने तो सीता को वनवास दे दिया वह सीता को को कोई शिकायत नहीं। 

कोई प्रतिवाद नहीं जो मर्जी पति परमेश्वर की हुई, हो उसने आत्म बल का सहारा लिया जंगल में जाकर कुटी छवाय वह पुत्रों के रूप में लव कुश नामक दो अनमोल निंदिया पाई और वह पुत्र भी कैसे कैसे भी कैसे कैसे अभी दूध के दांत भी नहीं टूटे थे। कि सीता के लालू ने अश्वमेध के घोड़े के लिए लड़ते समय राम की सेना के महारथियों के दांत खट्टे कर दिए ऐसी थी सीता की शक्ति ऐसी थी, उसने सुनी की शिक्षा आधुनिक युग की भर्ती महिलाओं में तुम रानी लक्ष्मी के बारे में इतिहास में नारियों ने भी अपने साथ सूर्य त्याग मृत्यु प्राप्त किया है।

 रामकृष्ण परमहंस की पत्नी शारदा मणि को भूल नहीं जा सकता।

 राम कृष्ण का विवाह बहुत कम उम्र में हो गया उनकी पत्नी शारदा मणि तो बहुत ही छोटी थी शारदा मणि ससुराल की सेवा में लग गई, उनके एक काली मंदिर के पुजारी थे और मां काली की पूजा करते थे।
वेतन तीव्र गति से अध्यात्म की ओर अग्रसर होने लगे मां शारदा मणि का सपूत दृश्य का मनोरथ भंग होने लगा किंतु यही उनकी भारतीय चरित्र उजागर हुआ।

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