Monday, 26 August 2019

मोहन ने अपने गुरु के सामने यह जिज्ञासा रखी की।

मोहन ने अपने गुरु के सामने यह जिज्ञासा रखी की नन्हे से बच्चे द्वारा उछल कूद मचा ने बर्फी और खुश रहना अर्थ अर्थ उछलता का नाम आजादी है। 

दूसरा संदर्भ देते हुए शहर गीत गाता है। लगभग असंभव समझ जाने वाले काम को पूरा करने के दुस्साहस को आजादी का जश्न जा सकता है। सूरज में घोंसला बनाने के लिए उड़ान भरने वाली चिड़िया का काम कुछ ऐसा ही है सार गीत नहीं यह भी पूछा कि कहीं उत्तर दिशा में सीटी बजाती हुई, तेज भागती रेलगाड़ी का नाम तो आजादी नहीं यहां आपके मन में सवाल उठ सकता है। कि रेलगाड़ी किसी अन्य दिशा में क्यों नहीं जा सकती सिर्फ उत्तर दिशा की ओर ही क्यों दरअसल यह कविता मलयालम में लिखी गई है जो केरल की भाषा में है कभी भारत के दक्षिणी उसे का है। इसलिए रेलगाड़ी उत्तर दिशा में बात का करता है केरल से चलने वाली रेलगाड़ी केवल उत्तर दिशा की ओर ही जा सकती है।

क्योंकि बाकी तीनों में से पर गीत के माध्यम से करता है। 

क्या शेर सपाटा वास्तव में कुछ लोग खास तौर पर 12 वर्ष की उम्र के किशोर कुमार गीत का यह प्रशन उचित नहीं है आपने पूछता है। कि क्या अंधेरे में भटकने वाले का लाल पेस्ट मिल जाए तो उसकी परेशानी समाप्त हो जाती है इस प्रश्न को यात्रा पर निकले और यात्रा के दौरान मिल जाए क्या यह कुछ समय के लिए रुकना यात्रा का अंत हो सकता है। ठीक उसी प्रकार सारगी है पूछ रहा है कि क्या मुसाफिर का अंधेरे में किसी पोस्ट के नीचे रुकना आजादी है मंजिल की प्राप्ति है,

आजादी के बारे में पूछता है कि क्या दूसरा नाम आजादी है। 

स्त्री पांच प्रकार के संदर्भों का उल्लेख अन करने के बाद कविता का मूल बिंदु सामने आता है। यह साबित के मन में जो प्रश्न भरे हुए उसकी चिंता क्षमता को बता रहे हैं सर की धनि मुक्ति आजादी के बारे में पूछता है? कि अमित कपड़े के ढेर सिलाई मशीन के अंतर्गत से हो रही पहाड़ियों कपड़े पर चलने वाली सीढ़ियों से मुक्त होने का नाम आजादी नहीं है कि क्या कर्म से मुक्त हुई आजादी है। जरा सोचिए कि क्या आपके मन में भी देश में आजादी किस प्रकार की होनी चाहिए इसके बारे में तरह-तरह के विचार आते होंगे लेखक की आजादी की खेती के बारे में बातें आज सूची है।

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