Wednesday, 21 August 2019

मन किसी काम में नहीं लगता भूख भी पहले से कम हो गई है।

दिव्या अनिल की छोटी बहन है। यूं तो वे शुरू से ही कमजोर है लेकिन इधर कुछ दिनों से उससे हर समय थकान महसूस होती रहती है।

 मन किसी काम में नहीं लगता भूख भी पहले से कम हो गई है। अस्पताल में उसे डॉक्टर ने तो देखा तो कहां लगता है दिव्या के शरीर में रक्त की कमी हो गई है। जांच कराकर देखते हैं यह कहकर उन्होंने दिव्या को रक्त की जांच के लिए पास के एक कमरे में भेज दिया वहां अनिल को अपने ही जान पहचान के डॉक्टर  दीदी ना कहो अनिल कैसे आना हुआ। अनिल ने बताया कि डॉक्टर ने दिव्या को खून की जांच के लिए आपके पास भेजा है। इतना सुनते ही डॉक्टर दीदी ने दिव्या की उंगलियों से रक्त की कुछ बूंदे एक एक छोटी सी में डाल दी और पर लगा दी, अनिल से बोली अनिल से रिपोर्ट अगले दिन अस्पताल पहुंच कर दीदी के कमरे के दरवाजे पर दस्तक दी आ जाओ अनिल ने कमरे में प्रवेश द्वारा एक फ्लाइट की जांच कर रही थी। दीदी के पास रखी कुर्सी पर बैठ गया फ्लाइट की जांच पूरी होने पर ठीक हो जाएगा।
एक सवाल पूछूं।

हां हां क्यों नहीं डॉक्टर दीदी ने कहा एनीमिया से आपका क्या मतलब है। 

दीदी उसने पूछा यह जानने के लिए तुम्हें रक्त के बारे में जानना होगा, डॉ दीदी ने कहा फिर बोली अनिल देखने में रक्त लाल दुर्गा दुर्गा के समान दिखता है। किंतु इसे सूक्ष्मदर्शी द्वारा देखे तो यह भानुमति के पिटारे से कम नहीं मोटे तौर पर इसके 2 भाग होते हैं एक बाग में जो तरल है।
जिसे में प्लाज्मा कहते हैं दूसरे हुए जिसमें छोटे-बड़े कई तरह के कण होते हैं कुछ लाल कुछ सफेद वह कुछ ऐसे जिनका कोई रंग नहीं जिन्हें प्लेटलेट कम कहते हैं।
इतना कि के डॉक्टर दीदी ने सूक्ष्मदर्शी के नीचे एक स्लाइड लग गई उसे फॉक्स किया और बोली देखो अनिल सूक्ष्मदर्शी द्वारा जो कल तुम्हें दिखाई दे रहा है। यह लाल रक्त कन्हैया से  लाइट देख मानव आश्चर्य से चल पड़ा था, अनिल रक्त की एक बूंद में इतने सारे गण इसकी तो वह कल्पना भी नहीं कर सकता वह बोलना इन्हें देखकर तो ऐसा लग रहा है,

 मानो बहुत सी छोटी-छोटी बालूशाही रख दी गई है। 

हां दीदी बोली लालगढ़ बनावट में बालूशाही की तरह ही होते हैं। गोलू और कल्याणी बीच में दबे हुए रक्त की एक बूंद में इनकी संख्या लाखों में होती है, यदि 1 मिलीमीटर रक्त ले तो उसमें हम 40 से 55 लोग कल मिलेंगे उनके कारण ही हमें रक्त लाल रंग का नजर आता है।

No comments:

Post a Comment