Sunday, 4 August 2019

हमारे देश में ऐसी चितपुर आठों की संख्या करोड़ों में है।

 हम किसी प्रकार इनके मानस मंदिरों में शिक्षा की ज्योति जगह सके। 

मान धर्म और सबसे पवित्र कर्तव्य का पालन होगा रेलगाड़ी और बिजली की  से भी अपरिचित लोगों का होना हमारी प्रकृति पर कलंक है इस योजना से गांव में एक सीमा तक आत्मनिर्भरता एक ही हर बात के लिए शेरों की और काटने की प्रवृत्ति समाप्त होगी निरंतर रूढ़ियों और अधिमान शो में फंसे हुए और अपने गाढ़े पसीने की कमाई को नगरों की भेंट चढ़ाने वाले यह हमारे भाई प्रोड शिक्षा से निश्चित ही सचेत और विवेक बनेंगे स्वास्थ्य सफाई उन्नति तथा आपसी सद्भावना के प्रतीक और शिक्षा उनको जागरूक बना सकती है इससे उनकी मेहनत की कमाई डालने से बचेगी।
अखबारों में जगह के हिसाब से समाचार संपादक समाचारों का सारा लेखन करते हैं।

कई बार लिखो यह तक की पुस्तकों तक का शर्तिया किया जाता है। 

सरकारी कार्यालयों में ही सही सहायक द्वारा पात्रों और कभी-कभी तो पूरी फाइल का सहारा लेकर किया जाता है हमें एक बार कैसे पढ़ना चाहिए और क्या मैं पढ़ना चाहिए वह अखबार वालों को सारा खबर रहता है और उसे किस जगह क्या छापने इस पृष्ठ पर क्या लिखना है उसे इस बात का पूरा नॉलेज रहता है। आप यह भी जानते हैं कि मनुष्य के सारे बाशा की महत्व भूमिका क्या होती है।
हम अखबार पढ़ते हैं। तो हमें पता होता है कौन से पृष्ठ पर क्या लिखा होता है और तो और हम अपनी मन की इच्छा के बगैर अखबार नहीं पढ़ते।
अब ऐसी सामग्री पढ़ने के तरीके बताते हैं।

जो आपने कभी नहीं पड़ी जो आपके लिए बिल्कुल नहीं है। 

या नहीं पटी चाहिए जब आप किसी ने पटेल सामग्री को पढ़ना शुरू करें तो उससे पहले उस पर एक नजर ऊपर से नीचे तक डाले आपको देखते ही कुछ मोटी मोटी सी चीजें समझ में आ जाएगी जैसे पढ़ने सामग्री का शिष्य क्या है इसके बारे में क्या लिखा है वह पहले पढ़ते वक्त यह ध्यान करते हैं कि इस सामग्री में क्या होता है तब जाकर उसे पूरा पढ़ते हैं।
किसी किसी मनुष्य की तैयारी होती है कि वह अखबार को पहले पीछे से पड़ता है फिर आगे से पड़ता है। क्योंकि आप आप की पढ़ने की सबकी अलग-अलग रुचि है और क्या पढ़ना है उसे वह सब उसे मालूम है।
अखबार में रोज-रोज नई खबर आती है। अखबार का समय काल सुबह से लेकर शाम तक होता है। जो कि बहुत ही है कम है अखबार रोज नए नहीं आते रहते हैं और मनुष्य को मालूम होता है। कि मैं कौन सी चीज क्या पढ़नी है वह सब उसकी वजह से ही पड़ता है ग्वार का समय सुबह 6:00 बजे होता है। जो कि सबसे अखबार को इंतजार करते हैं फिर से 15 मिनट में उसका समय काम खत्म हो जाता है इसलिए एक बार का समय बहुत ही कम होता है। इसलिए मनुष्य अपनी तरक्की करता है और करते ही रहता है।

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