Saturday, 13 July 2019

किसी युवा पुरुष की संगति यदि पूरी होगी तो वह।

हम अपने को उनके भरोसे पर छोड़ सके और यह विश्वास कर सकें कि उनसे किसी प्रकार का दुकानें होगा।

जो बात ऊपर मित्रों के संबंध में की गई है वह जान पहचान वालों के संबंध में ठीक है जान पहचान के लोग ऐसे ही जिसमें हम कुछ लाभ उठा सकें।
मनुष्य का जीवन थोड़ा है,उसमें खोलने के लिए समय नहीं यदि के थे।
और गए हमारे लिए कुछ नहीं कर सकते हैं ना कोई बुद्धिमानी या विनोद द्वारा हमें डांस बांदा सकते हैं ना मारे आनंद ने सम्मिलित हो सकते हैं। नाम करते हुए का ध्यान दिला सकते हैं, तो ईश्वर हमें उनसे दूर ही।
आजकल ज्ञान पहचान वरना बड़ा ना कोई बड़ी बात नहीं है कोई भी युवा पुरुष एक अनेक युवा पुरुषों को पा सकता है, जो उसके साथ थिएटर देखने जाएंगे नाच रंग में जाएंगे और सपाटे में जाएंगे भोजन का निमंत्रण स्वीकार करेंगे यदि ऐसा जान-पहचान के लोग से कुछ महीने होगी तो लाभ भी नहीं होगा पर यदि हानि होगी तो बड़ी भारी।

कुसंग का ज्वर सबसे भयंकर होता है।

यह धरती का ही नाश नहीं करता बल्कि बुद्धि शेर करता है।
किसी युवा पुरुष की संगति यदि पूरी होगी तो वह उसके पैरों में बंधन चक्की के समान होगी।
जो उसे दिन-रात उन्नति के गड्ढे में गिर आती जाएगी यदि अच्छी होगी तो सहारा देने वाली बहू के समान होगी। जो उसे निरंतर उन्नति की ओर उठाती जाएगी इंग्लैंड में एक विद्वान और युवावस्था में रोज दरबारी में जगह नहीं। मिली इस पर जिंदगी भर वह अपने भाग्य को शेर आता रहा।
भू से लोग तो इसे अपने दुर्भाग्य समझते हैं।
बहुत से लोग ऐसे होते हैं।
जिनके घड़ी भर के साथ से भी बुद्धि भ्रष्ट हो जाती है।
क्योंकि उनकी ही बीच में ऐसी ऐसी बातें की जाती है।
जो कानों में नहीं पड़नी चाहिए चित्र पर ऐसा प्रभाव पड़ता है जिनसे उनकी पवित्रता का नाश होता है। बुराई अटल भाव जालना करके बैठती है। बुरी बातें हमारे धारणा मैं बहुत दिनों तक टिकती है इस बात को प्राय सभी लोग जानते हैं। कि देवे वड गीत जितनी जल्दी ध्यान पर चढ़ती है।

उतनी जल्दी कोई गंभीर या अच्छी बात नहीं है।

 एक बार एक मित्र ने मुझसे कहा था उसने लड़कपन में कईसे बुरी को सुनी थी जिसका ध्यान वेला करता है। कि न्याय पर बार-बार आता है जिन भावनाओं को हम दूर रखना चाहते हैं जिन बातों को हम याद रख करना नहीं चाहते वह बार बार और दिन में उड़ती है और बंधती है। तो तुम पूरी चौकसी रखो ऐसे लोगों को शादी ने बनाओ अश्लील बातों से तुम्हारा है।
जब एक बार मनुष्य अपना पैर कीचड़ में डाल देता है तब यह नहीं देखता कि वह करो और कैसी जगह पर रखता है। धीरे-धीरे बुरी बातों में व्यस्त होते होते तुम्हारी गिरना कम हो जाती है।

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