Saturday, 29 June 2019

राजश्री का विधि विधान के जंगलों में ठीक उस समय बताइए

एक विजेता होने के साथ साथ हर्ष एक कुशल प्रशासक भी था।

वर्धन वंश की शक्ति और प्रतिष्ठा का संस्थापक परिवार जून तथा परिवारजनों के 3 संस्थानों थी राज्य वन और हर्ष तक पूरे राजश्री पूर्ति की राशि का विवाह मुख्य वंश के राजा गर्मी से हुआ प्रभावित के काल में उसका आक्रमण हुआ। प्रमाण काल में उनके लड़ने के लिए अपने दोनों पुत्रों को भेजा इसी दौरान परिवारों कारणों की मृत्यु हो। गई परमाणु का बंगाल के घोड़े शासक संस्थान द्वारा इसमें उनका वध कर दिया गया सुर में उनका छोटा भाई जिस समय हर्षवर्धन शासन बनावे अनेक समस्याओं से घिरा हुआ था

 उसकी बहन राजश्री कानो कान के का षणमुगम आहोर की हत्या मालवा के शासक ने करी थी।

राजश्री के करो जनों के कारण दिया लिया गया साथ ही अपने बहनोई के राज्य कोनो नाच की जिम्मेदारी भी हर्षवर्धन पर थी। प्रारंभिक समस्याओं का समाधान हर्षवर्धन ने बड़ी बहादुरी के साथ किया सर्वप्रथम बॉडीबिल्डर की साहित्य से और स्नेह राजश्री का विधि विधान के जंगलों में ठीक उस समय बताइए जब वह चिंता बनकर जलने तक जा रही थी। इस प्रकार ने अपनी बहन के सरंक्षण के रूप में रोजना का शासन भार उठाना भी स्वीकार किया हर्षवर्धन के संपूर्ण भारत का एक केंद्रीय सत्ता के अधीन करने हेतु कई युद्ध लड़े हर्ष का सबसे महत्वपूर्ण युद्ध दक्षिण भारत के चालू के साथ हुआ इस प्रकार युद्ध में हर्ष पराजित हुआ और उसे दक्षिणी सीमा नर्मदा को मानना पड़ा इसी युद्ध सेव के विषय की जानकारी पुलकेशिन द्वितीय के डोले अभिलेख से प्राप्त होती थी।

 जो रवि करते द्वारा लिखा गया था। 

उसने अशोक के सामने अपने पराजित के कार्य भी किए नालंदा विश्वविद्यालय की अंतरराष्ट्रीय ख्याति हर्षवर्धन के समय ही हुई हर्षवर्धन प्रति 5 वर्ष प्रयास में महा मोक्ष परिषद का आयोजन करता था जिसमें दीन दुखियों एवं पक्षियों को उधारण पूर्वक दान दिया जाता था। उसके कार में प्रसिद्ध चीनी यात्री अविनाश ने भारत की यात्रा की एवं प्रयास महा मोक्ष प्रसिद्ध में भाग लिया करो राज्य सभा हर्ष के काल में प्रसिद्ध चीनी यात्री आने में भारत का हर्षवर्धन एक उच्च कोटि का विद्वान था। जिसे नागानंद परी कथा में बाढ़ फटे हुए मयूर जैसे विद्वान आश्चर्य पाते थे। वर्ड भट्ट में 68 चरित्र के बाद में भरी नामक संस्कृति के प्रसिद्ध ग्रंथ लिखे मयूर में स्थित की रचना की।

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