Friday, 21 June 2019

भारतीय प्राचीन शास्त्र के अनुसार काम विषय को चलाने वाला एक काम से बता करता है।

प्राचीन भारतीय साहित्य में धर्म का अर्थ ब्राह्मणों से नहीं है।

 अपितु की अवधारणा बहुत व्यापक है, गरम दस्तूर है। वह उसका संबंध आजीविका की शुद्धता से है, श्रेष्ठ बनने के लिए धर्म ढाणी में अचार नहीं है। धर्म का आधार नैतिक नियम में सादर चरण है। अतः धर्म समाज में व्यवस्था बनाए रखने के हैं।
शास्त्रों में मनुष्य की सुख-सुविधा का आधार धर्म को मनाया गया है, एवं धर्म का मूल अर्थ को मन माना गया है। वेदों में वैभव मुद्रा तथा संपत्ति को धन माना गया है। प्राचीन साहित्य में विद्या भूमि सोना-चांदी पशु धन धान्य धातु निर्मित आदि को अर्थ माना गया है।
भारतीय प्राचीन शास्त्र के अनुसार काम विषय को चलाने वाला एक काम से बता करता है। जिस प्रकार के व्यक्ति के काम होते हैं, व्यक्ति भी वैसा ही बन जाता है। अर्थ वेद में काम को ही, विविध कामनाओं के रूप में विभिन्न कार्यों का कारण व उत्पत्ति स्थान माना गया है।

प्राचीन आर्थिक चिंतन थे, के अनुसार धन साधन है। 

साध्य नहीं अपने आप को इच्छाओं के रहिता करते हुए बंधन से दूध नाही मुख से इसे आवागमन से बहुत चक्कर से मुक्ति भी कहा जाता है। एक ऐसी व्यवस्था जिसके तहत किसी निश्चित क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों का संचालन अर्थव्यवस्था के लाती है। ऐसी आर्थिक प्रणाली जिसमें उत्पत्ति के साधनों पर निजी व्यक्तियों का स्वामित्व व नियंत्रण होता है, पूंजीवादी अर्थव्यवस्था  कहलाती है।
ऐसी आर्थिक प्रणाली जिसमें उत्पत्ति के सभी साधनों पर सरकार द्वारा अभिव्यक्त संपूर्ण समाज का स्वामित्व होता है।

 समाजवादी अर्थव्यवस्था के लाती है, 

ऐसी आर्थिक प्रणाली जिसमें निजी और सार्वजनिक क्षेत्र दोनों का शहर होता है। मिश्रित अर्थव्यवस्था कहलाती है। प्राचीन भारतीय आर्थिक चिंतन सभी आर्थिक विचारों का सार है। जिन्हें भारत में समस्त प्राचीन ग्रंथों में महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है, एकात्म मानव का अर्थ है। मानव शरीर मन बुद्धि व आत्मा का एकीकृत रूप चक्रवर्ती सुख शरीर मन बुद्धि व आत्मा के सुख की प्राप्ति के लिए प्राचीन भारतीय आर्थिक चिंतन में चार पुरुषार्थ धर्म अर्थ काम व मोक्ष का उल्लेख किया गया है।
पूंजीवादी अर्थव्यवस्था की विशेषताएं समझाइए। समाजवादी एवं मिश्रित अर्थव्यवस्था के गुण दोष का उल्लेख करो, से मृत एवं सहयोग उपयोग की अवधारणा स्पष्ट कीजिए प्राचीन भारतीय आर्थिक चिंतन पर एक लेख लिखिए।

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