Thursday, 20 June 2019

मनुष्य द्वारा किया गया शारीरिक व मानसिक प्रयास श्रम के लाता है।

अर्थव्यवस्था को स्वतंत्र बाजार अर्थव्यवस्था बाजार एमउत्पादन एक महत्वपूर्ण आर्थिक गतिविधि है।

 किसी भी वस्तु के उत्पादन को अपने चरणों से होकर गुजरना पड़ता है। उत्पादन पर के संपादन हेतु विभिन्न उत्पादन साधनों की आवश्यकता होती है। किसी भी वस्तु के उत्पादन में परियों के साधनों की मात्रा पर निर्भर करती है। हमें इन उत्पादन के साधनों को निम्न भागों में बांट सकते हैं।
अर्थशास्त्र में भूमि शब्द का अर्थ मात्र मिट्टी यात्रा तन ही नहीं है। भूमि में भूमि के अतिरिक्त प्राकृतिक संसाधन जलवायु वनस्पति पर्वतजन खाने आदि सभी सम्मिलित है। उपलब्धता की दृष्टि से भूमि की आपूर्ति स्तर है। भूमि उत्पादन  अश्वशक्ति उपयोग के आधार पर अलग-अलग श्रेणी की होती है। उत्पादन प्रक्रिया में भूमि के प्रयोग के बदले भूस्वामी को दिया जाने वाला प्रतिफल  लगान कहलाता है।

वस्तुओं व सेवाओं के उत्पादन हेतु। 

मनुष्य द्वारा किया गया शारीरिक व मानसिक प्रयास श्रम के लाता है। प्रेम सद्भावना एवं मनोरंजन के उद्देश्य से किया गया प्रयास या परिश्रम अर्थशास्त्र में शर्म नहीं। माना जाएगा केवल परिश्रम को ही शर्म माना जाएगा जो उत्पत्ति के उद्देश्य से किया जाए एवं जिससे किसी आर्थिक परीत फल की आशा हो उदाहरण के लिए ग्रहणी की सेवाएं श्रम नहीं मानी जाएगी जबकि नौकर की उत्पत्ति का एक साधन है।जो प्रत्यक्ष रूप से मनुष्य से जुड़ा है जबकि अन्य साधन प्रत्यक्ष रूप से मनुष्य से संबंधित नहीं होते हैं। उत्पत्ति का एक गतिशील साधन है सभी श्रम उत्पादक नहीं होते हैं। अर्थात यह आवश्यकता नहीं है। कि श्रम के द्वारा उत्पत्ति हो क्योंकि उत्पादन प्रक्रिया में कई बार प्रयास करने पर भी चित्र परिणामों की प्राप्ति नहीं होती है। पादन प्रक्रिया में श्रमिकों को श्रम के बदले प्राप्त होने वाला प्रतिफल मजदूरी कहलाता है।

समस्त वस्तुएं एवं मानवीय योग्यताएं जो की वस्तुओं व सेवाओं के उत्पादन में होती है

 एवं जिससे मूल्य की प्राप्ति होती है संपत्ति कहलाती है संपत्ति का कुछ भाग व्यर्थ पड़ा रहता है तथा कुछ भाग आगे और संपत्ति के उत्पादन के लिए प्रयुक्त किया जाता है। पूंजी मनुष्य की संपत्ति का वह भाग है। जो और आगे उत्पत्ति करने के लिए प्रयुक्त किया जाता है। पूंजी उत्पादन का ही एक उत्पादित घटक है। जिससे प्राकृतिक संसाधनों के साथ उपयोग करके मनुष्य द्वारा अर्जित किया जाता है। पूंजी को उत्पादन का मानवीय उपकरण भी कहा जा सकता है। मशीन उपकरण कारखाने यातायात आदि पूंजी के उदाहरण है। पूंजी लगाने वाले को इसके बदले मिलने वाला प्रतिफल कहलाता है।
उत्पादन प्रक्रिया में भूमि पूंजी है। श्रम का गतिशील अल करने वाला आदमी चलाता है। उनमें उत्पत्ति के सभी साधनों को उचित अनुपात निर्धारित का उत्पादन करता है अग्नि जोखिम को शेयर उत्पादन करता है। अतः इसे सांसी भी कहा जाता है।

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